
पसमांदा उलेमा के अधिकार, सम्मान और प्रतिनिधित्व हेतु राष्ट्रीय मंच का गठन
मजहबी व आधुनिक शिक्षा के समन्वय पर जोर, लखनऊ में बनी नई कार्ययोजना
डॉ. मुफ्ती ऊबेदुल्लाह कासमी बने राष्ट्रीय अध्यक्ष, नई टीम की घोषणा
वक्फ बोर्ड व संस्थाओं में पसमांदा उलेमा की भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प
आर्थिक तंगी, सामाजिक उपेक्षा और राजनीतिक हाशियेकरण पर उठी आवाज
पसमांदा उलेमा को संगठित कर सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम
संवैधानिक अधिकारों के साथ आगे बढ़ेगा पसमांदा उलेमा बोर्ड – शारिक अदीब
उलेमा को सामाजिक नेतृत्व और जनजागरण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
लखनऊ प्रेस क्लब से पसमांदा उलेमा सशक्तिकरण की नई शुरुआत
लखनऊ, हजरतगंज स्थित उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब में ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के तत्वावधान में ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड के गठन हेतु एक महत्वपूर्ण चिंतन–मंथन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली तथा उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से 150 से अधिक उलेमा, बुद्धिजीवी एवं संगठन के पदाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान पसमांदा उलेमा समाज की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति पर गंभीरता से चर्चा की गई। विशेष रूप से आर्थिक तंगी, सामाजिक उपेक्षा, राजनीतिक हाशियेकरण, मदरसा–मकतबों की दयनीय स्थिति, सीमित रोजगार अवसर, मानदेय, पेंशन तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसे ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही उलेमा को मुख्यधारा की आधुनिक शिक्षा से जोड़ने, सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने तथा वक्फ बोर्ड एवं अन्य संस्थाओं में पसमांदा उलेमा की उचित भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री परवेज़ हनीफ ने अपने संबोधन में कहा कि पसमांदा उलेमा को एक संगठित, सशक्त और स्वतंत्र मंच की आवश्यकता है, ताकि उनकी आवाज प्रभावी ढंग से उठ सके और वे समाज में सम्मानजनक भूमिका निभा सकें। मुख्य अतिथि डॉ. मुफ्ती ऊबेदुल्लाह कासमी (झारखंड) ने मजहबी शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा के समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि समयानुकूल परिवर्तन और आधुनिक सोच ही समाज की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष शारिक अदीब अंसारी ने कहा कि पसमांदा उलेमा को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और समान भागीदारी का अधिकार देता है। उन्होंने भविष्य में ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के गठन की दिशा में कार्य करने की घोषणा भी की। मौलाना मोहम्मद सद्दाम हुसैन ने कहा कि उलेमा को केवल मस्जिद और मकतब तक सीमित रखना ऐतिहासिक अन्याय है, उन्हें सामाजिक नेतृत्व, जनजागरण और जनहित के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। बैठक में सर्वसम्मति से डॉ. मुफ्ती ऊबेदुल्लाह कासमी को राष्ट्रीय अध्यक्ष, मौलाना रेहान रज़ा को उपाध्यक्ष, मौलाना रकीब कासमी को राष्ट्रीय प्रवक्ता, मौलाना सद्दाम हुसैन को मीडिया प्रभारी तथा एडवोकेट आरिफ इक़बाल अंसारी को लीगल सेल अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय विधि सलाहकार चुना गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष हाजी मोहम्मद ताहिर हुसैन ने की तथा संचालन मौलाना अब्दुर रकीब अंसारी ने किया। बैठक के दौरान उलेमा बोर्ड का एक विस्तृत कॉन्सेप्ट नोट भी तैयार किया गया, जिसमें अधिकार, सम्मान, प्रतिनिधित्व, शिक्षा, रोजगार एवं सशक्तिकरण से संबंधित स्पष्ट कार्ययोजना निर्धारित की गई। अंत में ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद यूनुस ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल पसमांदा उलेमा को संगठित एवं सम्मानजनक मंच प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो भविष्य में उनके अधिकारों और भागीदारी को सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। कार्यक्रम में शमीम अंसारी, शाहीन अंसारी, अबू शहीद अंसारी, अहमद अंसारी, आरिफ नियाज़ी मंसूरी, इलियास सलमानी, मुख्तार अंसारी, मरूफ अंसारी और सईदुज़्ज़मान अंसारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

