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मुसलमानों में जाति प्रथा तथा ऑल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज़: एक विस्तृत विश्लेषण

परिचय- भारतीय उपमहाद्वीप में जाति प्रथा न केवल हिंदू समाज, बल्कि मुसलमानों के बीच भी गहराई से जड़ें जमा चुकी है। इस्लाम, जो समानता, भाईचारे […]

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मुसलमानों में जाति प्रथा और पसमांदा विमर्श: सामाजिक परिप्रेक्ष्य और संगठनात्मक प्रयास

भारतीय उपमहाद्वीप में मुसलमानों के भीतर जाति प्रथा का अस्तित्व इस्लामी सिद्धांतों और स्थानीय सामाजिक संरचनाओं के बीच गहरी विसंगतियों को दर्शाता है। इस्लाम का […]

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पसमांदा मुस्लिम समाज: आत्मनिर्भरता की ओर एक नई शुरुआत

परिचय- पसमांदा मुस्लिम समाज, जो भारतीय मुस्लिम समाज का 85% से अधिक हिस्सा है, लंबे समय से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक उपेक्षा का शिकार रहा […]

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मिशन 341

भारतीय संविधान के अनुसार 1936 में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मांग पर खानदानी पेसे की बुनियाद पर आरक्षण दिया गया था जिसमें सभी धर्मो […]

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आजादी की जंग के युवा सिपाही थे बाबा ए कौम स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल कय्यूम अंसारी

आजादी की जंग के युवा सिपाही थे बाबा ए कौम स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल कय्यूम अंसारी

राशिद अयाज़ (रांची रिपोर्टर) रांची : अब्दुल कय्यूम अंसारी, जिन्होंने न केवल आज़ादी के लिए बल्कि सामाजिक और आर्थिक असमानताओं के खिलाफ़ भी लड़ाई लड़ी, […]

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