उलेमा और AIPMM नेतृत्व ने पसमांदा समाज की तरक्की पर साझा रणनीति बनाई

पसमांदा समाज के ज्वलंत मुद्दों पर उलेमा व महाज़ नेतृत्व की अहम बैठक
पसमांदा आंदोलन को नई दिशा देने पर रोहिणी में विचार-विमर्श
सामाजिक-शैक्षिक पिछड़ेपन पर चर्चा, संगठनात्मक मजबूती पर ज़ोर
दिल्ली में AIPMM के विस्तार को लेकर सकारात्मक संवाद
वैचारिक स्पष्टता और ज़मीनी संघर्ष से ही होगा पसमांदा समाज का उत्थान
रोहिणी में हुई बैठक, पासमांदा आंदोलन को मिली नई ऊर्जा

नई दिल्ली। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ (AIPMM) दिल्ली इकाई की ओर से राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष शारिक़ अदीब अंसारी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शारिद जमाल अंसारी एवं दिल्ली प्रदेश महासचिव रैहान असरारी ने रोहिणी सेक्टर–20 स्थित वरिष्ठ उलेमा मौलाना तुफैल अहमद क़ासमी के आवास पर शिष्टाचार भेंट की। यह भेंट आपसी संवाद, विचार-विमर्श और संगठनात्मक मजबूती के उद्देश्य से आयोजित की गई।

इस अवसर पर मुफ़्ती सुहैल क़ासमी, मौलाना मोहम्मद अंसारी इस्लाही, मौलाना अबुल लैस क़ासमी सहित कई सम्मानित उलेमा एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के दौरान पासमांदा समाज से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर और सार्थक चर्चा हुई। वक्ताओं ने समाज में व्याप्त सामाजिक एवं शैक्षिक पिछड़ेपन, नेतृत्व और प्रतिनिधित्व की कमी तथा संसाधनों तक सीमित पहुंच जैसे विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे।

बैठक में विशेष रूप से दिल्ली में संगठन के कार्यालय विस्तार, संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत करने तथा ज़मीनी स्तर पर समाज के वंचित तबकों तक संगठन की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया। उपस्थित उलेमा एवं पदाधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि पासमांदा समाज की वास्तविक तरक्की के लिए वैचारिक स्पष्टता, मजबूत संगठन और निरंतर जनसंपर्क अत्यंत आवश्यक है।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष शारिक़ अदीब अंसारी ने कहा कि पसमांदा आंदोलन केवल अधिकारों की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समान अवसर और सम्मानजनक भागीदारी की लड़ाई है। वहीं दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शारिद जमाल अंसारी ने शिक्षा को समाज की प्रगति की कुंजी बताते हुए युवाओं और महिलाओं को आगे लाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक  में सभी उपस्थितजनों ने आपसी सहयोग, संवाद और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से पासमांदा आंदोलन को नई दिशा देने तथा समाज के हक़ व हुक़ूक़ की लड़ाई को और तेज़ करने का संकल्प लिया। यह मुलाक़ात संगठन के लिए न केवल प्रेरणादायक रही, बल्कि आने वाले समय में ठोस और सकारात्मक पहल की भूमिका भी तैयार करती दिखाई दी।