लखनऊ, दिल्ली, पटना, रांची । नमाज़-ए-ईशा के बाद ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज की एक महत्वपूर्ण ज़ूम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय सलाहकार जनाब अख्तर साहब ने की, जबकि संचालन की ज़िम्मेदारी संगठन के सीईओ मोहम्मद यूनुस साहब ने निभाई।
बैठक का मुख्य एजेंडा ऑल इंडिया पसमांदा उलमा बोर्ड को और अधिक धारदार एवं सक्रिय बनाना तथा संगठनात्मक मजबूती पर ठोस रणनीति तैयार करना था। महाज एवं उलमा बोर्ड के पदाधिकारियों ने विस्तार से अपने विचार रखे और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर बल दिया।
मीटिंग में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि ईद-उल-फितर के बाद बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर ईद मिलन समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से संगठनात्मक एकजुटता, सामाजिक संवाद और पसमांदा समाज की भागीदारी को बढ़ाया जाएगा।
बैठक में पिछले रमज़ान के दौरान ज़कात फंड के सकारात्मक परिणामों की सराहना की गई। पदाधिकारियों ने बताया कि पिछली बार ज़कात की रकम से बड़ी संख्या में गरीब, जरूरतमंद और असहाय लोगों को लाभ पहुंचाया गया।
सर्वसम्मति से यह भी तय किया गया कि इस वर्ष अधिक से अधिक लोग अपनी ज़कात की रकम ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के माध्यम से दें, ताकि उसे पारदर्शी तरीके से गरीब-गुरबा तक पहुंचाया जा सके।
प्रमुख सहभागिता
बैठक में तौकीर आलम साहब, जनाब कमरुद्दीन साहब, जनाब मुफ्ती अबू हुजेफ़ा साहब, जनाब मुफ्ती अतीकुल्लाह मंसूरी साहब, इंजीनियर शफकत अली साहब, मोहम्मद कैफ अंसारी, मोहम्मद परवेज आलम, मौलाना फिरोज शमीम साहब, सकलेन आलम तथा मौलाना अब्दुर रकीब अंसारी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि उलमा बोर्ड को गांव-गांव तक सक्रिय किया जाएगा और पसमांदा समाज की शैक्षिक, सामाजिक एवं धार्मिक जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
पदाधिकारी ने कहा कि संगठन की मजबूती ही समाज की तरक्की की कुंजी है, और एकजुट प्रयासों से ही पसमांदा समाज को सशक्त बनाया जा सकता है।

