सांप्रदायिक तनाव पर AIPMM ने जताई गहरी चिंता

पसमांदा मुद्दों पर स्वतंत्र राष्ट्रीय मंच की मांग
डॉ. अब्दुल क़य्यूम अंसारी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
18 जनवरी को देशभर में ‘हक़ीक़त पेशी’ कार्यक्रम का निर्णय
पसमांदा समाज के अधिकारों को लेकर नई रणनीति तय

दिल्ली/लखनऊ/रांची/पटना (वर्चुअल): ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ (AIPMM) की राष्ट्रीय स्तर की एक अत्यंत महत्वपूर्ण ज़ूम बैठक हाल ही में बड़ी सफलता के साथ आयोजित की गई। इस बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय, प्रादेशिक, जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सामाजिक चिंतक, बुद्धिजीवी तथा पसमांदा आंदोलन से जुड़े जागरूक नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष जनाब परवेज़ हनीफ साहब ने की, जबकि संचालन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जनाब मोहम्मद यूनुस साहब द्वारा कुशलतापूर्वक संपन्न हुआ।

बैठक का मुख्य उद्देश्य – बैठक का प्रारंभ संगठन के मूल उद्देश्यों की पुनर्स्थापना, पसमांदा मुस्लिम समाज की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति की वास्तविक समीक्षा तथा आगामी रणनीति पर गहन एवं सार्थक चर्चा के साथ हुआ।
पसमांदा मुस्लिम समाज की स्थिति पर चिंता- बैठक में सर्वसम्मति से यह व्यक्त किया गया कि पसमांदा मुस्लिम समाज (अजलाफ एवं अरज़ाल वर्ग), जो भारतीय मुस्लिम आबादी का लगभग 85% हिस्सा है, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, आर्थिक उन्नति तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्व के क्षेत्र में लंबे समय से उपेक्षित रहा है।
AIPMM के निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा पसमांदा विमर्श को राष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता से स्थान मिलना एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी गई। इससे पसमांदा समाज में आत्मविश्वास एवं नई चेतना का संचार हुआ है। हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की कोर कमेटी में पसमांदा मुस्लिम समाज को मुख्यधारा में लाने, उनकी शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय एवं स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर हुई चर्चा को महाज़ ने सकारात्मक एवं स्वागतयोग्य कदम बताया।

देश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव पर गंभीर चिंता-महाज़ ने देश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव एवं नफरत के माहौल पर गहरी चिंता व्यक्त की। संगठन का दृढ़ मत है कि यह स्थिति न केवल मुस्लिम समाज, अपितु पूरे राष्ट्र के लिए हानिकारक है। सामाजिक सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का एकमात्र मार्ग सभी समुदायों के बीच संवाद, आपसी समझदारी एवं सहयोग है।
राष्ट्रीय मुस्लिम मंच (MRM) संबंधी आपत्ति एवं सुझाव- बैठक में पसमांदा मुद्दों की ज़िम्मेदारी राष्ट्रीय मुस्लिम मंच (MRM) को सौंपे जाने पर अपनी स्पष्ट आपत्ति दर्ज की गई। महाज़ का मानना है कि MRM में अशरफ वर्ग का वर्चस्व होने के कारण पसमांदा समाज की वास्तविक समस्याओं का समुचित समाधान संभव नहीं हो पाता। इस संदर्भ में AIPMM ने सुझाव दिया कि पसमांदा मुस्लिमों के लिए एक अलग, स्वतंत्र राष्ट्रीय मंच का गठन किया जाए, जिसमें केवल पसमांदा प्रतिनिधि ही शामिल हों, ताकि उनकी समस्याओं का वास्तविक एवं प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

डॉ. अब्दुल क़य्यूम अंसारी साहब को भावपूर्ण श्रद्धांजलि- बैठक में पसमांदा समाज के महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक एवं विचारक डॉ. अब्दुल क़य्यूम अंसारी साहब के ऐतिहासिक योगदान को गहन श्रद्धा के साथ स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उनके विचार, संघर्ष एवं समता की लड़ाई आज भी पूरे पसमांदा समाज के लिए प्रेरणा एवं मार्गदर्शन का स्रोत बनी हुई है।
18 जनवरी के विशेष कार्यक्रम का निर्णय- सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 18 जनवरी को डॉ. अब्दुल क़य्यूम अंसारी साहब की पुण्यतिथि पर देशभर में राज्य-स्तरीय “हक़ीक़त पेशी” कार्यक्रम एवं जनजागरण अभियान आयोजित किए जाएंगे।

इन कार्यक्रमों के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित होंगे:
– वरिष्ठ लेखकों, पत्रकारों एवं बुद्धिजीवियों को सम्मानित किया जाएगा। – पसमांदा छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रोत्साहन अवार्ड, शैक्षणिक सामग्री एवं प्रेरक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। – डॉ. क़य्यूम अंसारी साहब की जीवनी, उनके विचारों एवं AIPMM की विचारधारा पर आधारित पंपलेट एवं प्रचार सामग्री का व्यापक वितरण किया जाएगा।
संगठन विस्तार एवं डिजिटल रणनीति- बैठक में बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड एवं दिल्ली में संगठन को और अधिक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
– बिहार एवं झारखंड में प्रमंडल प्रभारी। – उत्तर प्रदेश एवं दिल्ली में मंडल प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे, जो आगे जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करेंगे।
संगठन की व्यापक पहुंच बढ़ाने हेतु राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर पर सोशल मीडिया टीमों के गठन का निर्णय लिया गया। सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे संगठन की गतिविधियों, विचारधारा एवं उपलब्धियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रूप से साझा करें।
समापन में राष्ट्रीय अध्यक्ष जनाब परवेज़ हनीफ साहब ने कहा कि ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ सामाजिक न्याय, शैक्षणिक सशक्तिकरण, आर्थिक उन्नति एवं राजनीतिक चेतना के माध्यम से पसमांदा समाज को उसके संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से एकता, अनुशासन, जमीनी संघर्ष एवं धैर्य के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।