AIPMM ने किया बिहार के पसमांदा नेता सैफ़ अली का सम्मान

पसमांदा सियासी हिस्सेदारी पर ज़ोर, दिल्ली में सैफ़ अली से अहम मुलाक़ात
दिल्ली में पसमांदा आंदोलन को नई दिशा, सैफ़ अली के साथ रणनीतिक चर्चा
पसमांदा समाज की राजनीतिक मजबूती पर केंद्रित रहा दिल्ली का कार्यक्रम
सैफ़ अली से मुलाक़ात में पसमांदा अधिकारों और संगठन विस्तार पर चर्चा
दिल्ली में पसमांदा नेताओं की बैठक, सियासी प्रतिनिधित्व पर सहमति

नई दिल्ली। दिनांक 11 जनवरी 2026 को ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ (AIPMM) के दिल्ली स्थित कार्यालय में बिहार के प्रख्यात पसमांदा नेता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी श्री सैफ़ अली के सम्मान में एक भव्य स्वागत एवं मुलाक़ात कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अत्यंत सफल और प्रभावशाली वातावरण में सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े सामाजिक रहनुमा, संगठनात्मक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, पेशेवर वर्ग के प्रतिनिधि एवं पसमांदा आंदोलन से जुड़े जागरूक नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने पसमांदा समाज के सामाजिक और राजनीतिक विमर्श को एक नई दिशा प्रदान की।

कार्यक्रम में ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ की ओर से राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री शारिक़ अदीब अंसारी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शारिद जमाल अंसारी, दिल्ली प्रदेश महासचिव डॉ. रैहान असरारी, सोशल मीडिया प्रभारी आरिफ़ अज़ीज़, अलमास यज़दानी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान पसमांदा समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी, संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक-आर्थिक अधिकार, शैक्षणिक सशक्तिकरण तथा राजनीतिक पुनर्स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन और खुली चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पसमांदा समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान तभी संभव है, जब समाज को राजनीति और नीति-निर्माण की प्रक्रिया में उचित और प्रभावी प्रतिनिधित्व मिले।

श्री सैफ़ अली ने अपने संबोधन में पसमांदा समाज की आकांक्षाओं, संघर्षों और भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज को संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज़ बुलंद करनी होगी। उन्होंने ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए संगठन के साथ निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में यह भी निर्णय लिया गया कि पसमांदा समाज की राजनीतिक चेतना को मज़बूत करने, युवाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करने तथा देशभर में संगठनात्मक ढांचे को सशक्त बनाने हेतु ऐसे संवाद और बैठकों का सिलसिला आगे भी जारी रखा जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और पसमांदा समाज की एकता, अधिकार और सम्मान की लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।