ओबीसी आरक्षण 17% से 7% करने के फैसले पर महाज का विरोध
सामाजिक न्याय के लिए जाति आधारित सर्वेक्षण की मांग
नई दिल्ली / कोलकाता | पश्चिम बंगाल सरकार से आह्वान: कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए हिंदू और मुस्लिम दोनों बिरादरियों के पिछड़े समुदायों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर OBC सूची में समावेश किया जाए ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष परवेज़ हनीफ और कार्यकारी अधिकारी मुहम्मद युनुस ने आज संयुक्त बयान जारी कर पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण को 17% से घटाकर 7% करने के हालिया सरकारी निर्णय पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
संयुक्त बयान में कहा गया “पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा हाल ही में जारी नोटिफिकेशन (945-BCW/MR-23/2026) और कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का हम सम्मान करते हैं। कानून का पालन करना हर सरकार का कर्तव्य है। लेकिन सामाजिक न्याय की भावना को बनाए रखते हुए केवल 66 जातियों तक सीमित आरक्षण पर्याप्त नहीं है। पसमांदा मुस्लिम समुदायों सहित राज्य के अनेक हिंदू और मुस्लिम बिरादरियों को सामाजिक-शैक्षणिक और आर्थिक पिछड़ापन का सामना करना पड़ रहा है।
हम पश्चिम बंगाल सरकार से आग्रह करते हैं कि वे तुरंत एक वैज्ञानिक, पारदर्शी और जाति-आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण करवाएं। इस सर्वेक्षण में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की उन बिरादरियों को शामिल किया जाए जिन्हें वास्तविक पिछड़ापन साबित होता है। सर्वेक्षण के आधार पर OBC सूची का विस्तार किया जाए और आरक्षण प्रतिशत को उचित स्तर तक बढ़ाया जाए, ताकि संवैधानिक प्रावधानों का सही मायने में पालन हो सके।”
परवेज़ हनीफ और मुहम्मद युनुस ने कहा “पसमांदा मुस्लिम महाज सामाजिक न्याय के पक्ष में है, न कि किसी विशेष धर्म या समुदाय के पक्ष में। हमारा मानना है कि आरक्षण का आधार केवल सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन होना चाहिए, न कि धर्म। जो हिंदू बिरादरियां और मुस्लिम बिरादरियां सदियों से पिछड़ेपन की मार झेल रही हैं, उन्हें एक बिरादरी के रूप में देखते हुए OBC सूची में शामिल किया जाना चाहिए।
यदि राज्य सरकार शीघ्र इस दिशा में कदम नहीं उठाती, तो महाज कानूनी प्रणाली का सहारा लेने के लिए बाध्य होगा। हम सुप्रीम कोर्ट और अन्य न्यायिक मंचों पर भी इस मुद्दे को उठाएंगे ताकि पात्र समुदायों को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके।”
महाज की प्रमुख मांगें:
1. राज्य में नया, वैज्ञानिक सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण शीघ्र करवाया जाए।
2. हिंदू और मुस्लिम दोनों पिछड़े समुदायों को OBC सूची में समावेश।
3. OBC आरक्षण को केंद्र सरकार के अनुरूप 27% के निकट लाया जाए।
4. OBC-A और OBC-B जैसी उप-श्रेणियों को पुनः लागू करने पर विचार।
5. किसी भी समुदाय के साथ अन्याय न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज राज्य सरकार के साथ सार्थक संवाद के लिए तैयार है और आशा करता है कि नई BJP सरकार सामाजिक न्याय, कानूनी अनुपालन और समावेशी विकास के सिद्धांतों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी।

