मादुरो दंपति की गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन : पसमांदा महाज़
अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने का आरोप, पसमांदा महाज़ ने जताया विरोध
न्याय और संप्रभुता के समर्थन में पसमांदा महाज़ का सख्त रुख
लखनऊ। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ (AIPMM) वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की 3 जनवरी 2026 को काराकास में अमेरिकी सेना द्वारा किए गए सैन्य अभियान के दौरान गिरफ्तारी तथा उन्हें न्यूयॉर्क ले जाए जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता है। संगठन का मानना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन है और किसी संप्रभु राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता एवं राजनीतिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
महाज़ राष्ट्रपति मादुरो दंपति की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग करता है तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र से अपील करता है कि इस अन्यायपूर्ण और आक्रामक कदम के विरुद्ध ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि यह घटना संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का स्पष्ट उल्लंघन है, जो किसी भी राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध बल प्रयोग को प्रतिबंधित करता है। वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज द्वारा इसे “अवैध अपहरण” और “साम्राज्यवादी आक्रमण” करार दिया जाना इस कार्रवाई की गंभीरता को दर्शाता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव द्वारा भी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है तथा क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंका जताई गई है। कई देशों ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन मानते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
अमेरिकी कांग्रेस की प्रतिक्रिया- इस कार्रवाई को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में भी तीखा मतभेद सामने आया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सांसदों, जिनमें रशीदा तलीब और एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ शामिल हैं, ने इसे कांग्रेस की मंजूरी के बिना किया गया “अवैध युद्ध कृत्य” बताते हुए अमेरिकी संविधान का उल्लंघन करार दिया है। वहीं रिपब्लिकन नेताओं, जिनमें हाउस स्पीकर माइक जॉनसन शामिल हैं, ने इसे ड्रग तस्करी के खिलाफ आवश्यक और न्यायोचित कार्रवाई बताया है। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ का मानना है कि यह घटना वैश्विक व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय कानून और शक्ति संतुलन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। संगठन शांतिपूर्ण, कूटनीतिक और न्यायपूर्ण समाधान की वकालत करता है तथा सभी राष्ट्रों की संप्रभुता के सम्मान और विश्व शांति की अपील करता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सीईओ मुहम्मद युनुस का बयान- “यह कार्रवाई न केवल वेनेजुएला की संप्रभुता का अपमान है, बल्कि पूरी वैश्विक व्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरा है। पसमांदा मुस्लिम समाज, जो हमेशा न्याय, समानता और शांति के पक्ष में खड़ा रहा है, इस साम्राज्यवादी कदम की कड़ी निंदा करता है। हम राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग करते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की जाए। न्याय और शांति ही विश्व का स्थायी आधार है।”

