28 मार्च 2025 को रात्रि 10 बजे ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ की एक महत्वपूर्ण ज़ूम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत अलविदा जुमे की एक-दूसरे को मुबारकबाद देने से हुई। संगठन ने खुशी जाहिर की कि इस वर्ष देशभर में अलविदा जुमे की नमाज़ शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। साथ ही, मुस्लिम समाज से अपील की गई कि ईद की नमाज़ मस्जिदों में ही अदा करें, और यदि स्थानीय प्रशासन और अन्य समुदायों से सहमति बनती है, तो मस्जिद के बाहर भी शांतिपूर्वक नमाज़ अदा की जा सकती है।
इस बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों और रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में निम्नलिखित तीन प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए:
प्रस्ताव 1: पटना में पसमांदा जागरूकता अभियान और ईद मिलन समारोह- संगठन ने पटना में एक भव्य ईद मिलन समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया, जिसका उद्देश्य पसमांदा समुदाय में जागरूकता फैलाना और विभिन्न दलों के पसमांदा मुस्लिम प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाना है। इस कार्यक्रम के लिए प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो राष्ट्रीय नेतृत्व से परामर्श कर आयोजन की योजना तैयार करेगी। इस समारोह में लगभग 1500 लोगों को आमंत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें राजनीतिक दलों के नेता, पसमांदा एक्टिविस्ट और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। समिति को इस आयोजन के लिए आवश्यक बजट तैयार करने और धन संग्रह की रणनीति बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रस्ताव 2: राष्ट्रीय और प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन- संगठन ने निर्णय लिया कि राष्ट्रीय और प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया जाएगा, ताकि यह संगठन के बायलॉज़ (उपनियमों) के अनुरूप हो। वर्तमान में कुछ पद ऐसे हैं जिनकी कोई कानूनी मान्यता या संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं है, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस पुनर्गठन के माध्यम से सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों को उनके अनुभव और योग्यता के अनुसार उपयुक्त जिम्मेदारियाँ दी जाएँगी, जिससे संगठन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
प्रस्ताव 3: पसमांदा वेलफेयर ज़कात फंड का उपयोग- मीटिंग में इस वर्ष ज़कात फंड के पारदर्शी और प्रभावी उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। संगठन ने निर्णय लिया कि यह फंड निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए प्रयोग किया जाएगा:
1. रोज़गार सृजन – गरीब पसमांदा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय सहायता और कौशल विकास के कार्यक्रम।
2. शादियों में सहायता – आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की शादी में सहयोग।
3. स्वास्थ्य सेवाएँ – हेल्थ कैंप और जरूरतमंदों को चिकित्सा सहायता।
4. शिक्षा और छात्रवृत्ति – ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों की स्थापना और योग्य छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करना।
निष्कर्ष: इस महत्वपूर्ण बैठक में पारित प्रस्ताव संगठन को एक नई दिशा प्रदान करेंगे। ईद मिलन समारोह, राष्ट्रीय कार्यकारिणी का पुनर्गठन और ज़कात फंड के पारदर्शी उपयोग से संगठन और मजबूत होगा। आने वाले दिनों में इन प्रस्तावों को अमल में लाने के लिए समितियाँ गठित कर सक्रिय प्रयास किए जाएँगे।
इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष परवेज हनीफ, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुहम्मद यूनुस, राष्ट्रीय महासचिव व महाराष्ट्र संयोजक मो. कमरुद्दीन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व उत्तर प्रदेश संयोजक हाजी नेहाल अंसारी, राष्ट्रीय सचिव शाहीन अंसारी, राष्ट्रीय सचिव शब्बीर आलम, राष्ट्रीय प्रवक्ता इरफान जामियावाला, कोषाध्यक्ष मोहम्मद इदरीस, प्रदेश सह-संयोजक डाॅ. इमरान अली, बिहार प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद तारिक अनवर, तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष अदनान कमर, झारखण्ड, बिहार संयोजक रियाजुद्दीन बक्खो, शमीम अहमद, शकील आलम, आसिफ सिद्दीकी, बुलंदशहर जिला अध्यक्ष आशिक इलाही, अब्दुल रकीब, अब्दुलरहमान असंारी, एडवोकेट इब्रहिम इकबाल, राष्ट्रीय सलाहकार इंजीनियत अख्तर हुसैन, कैफ अंसारी व एहतेशाम मौजूद रहे।