जलसा-ए-सीरतुन्नबी ﷺ में गूंजा इंसानियत, बराबरी, न्याय और भाईचारे का संदेश

  • बड़ी संख्या में लोगों ने की शिरकत, सीरतुन्नबी ﷺ के संदेश से रूबरू हुआ समाज
  • सीरतुन्नबी ﷺ के सामाजिक एवं मानवीय संदेश पर हुआ विचार-विमर्श
  • पसमांदा महाज़ के जलसा-ए-सीरतुन्नबी ﷺ में उमड़ा जनसैलाब, मोहब्बत और भाईचारे पर जोर

ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ द्वारा 29 अगस्त को आयोजित जलसा-ए-सीरतुन्नबी ﷺ बेहद शानदार, गरिमापूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की और सीरतुन्नबी ﷺ के पैग़ाम को सुना। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मौलाना जफरुल हसन जलालपुरी, अध्यक्ष, ऑल इंडिया पसमांदा शिया समाज रहे। विशिष्ट अतिथि ई. नत्थू सिंह माहौर, प्रदेश प्रधान महासचिव, बामसेफ, उत्तर प्रदेश एवं हाजी ताज मोहम्मद, पूर्व उपाध्यक्ष, दिल्ली उर्दू अकादमी एवं पूर्व निगम पार्षद, मुस्तफाबाद ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुफ्ती सुहैल अहमद कासमी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, ऑल इंडिया पसमांदा उलमा बोर्ड ने की, जबकि मुख्य वक्ता शारिक अदीब अंसारी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ ने सीरतुन्नबी ﷺ के सामाजिक एवं मानवीय संदेश पर अपनी बात रखी। हाजी मेहदी हसन मंसूरी, वसीम सैफी और मो. सद्दाम हुसैन ने भी सीरतुन्नबी ﷺ और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों पर अपने विचार रखे। मौलाना अब्दुर रकीब रहमानी ने कार्यक्रम का संचालन किया। अहमद फ़ाखिर ने तिलावत-ए-कुरआन और कमर अब्बास कमर ने नात-ए-पाक पेश की। कार्यक्रम में सुहैल अहमद कासमी, भगवती प्रसाद, कुर्बान अंसारी, ए. रहमान मंसूरी, जावेद अख्तर (एडवोकेट), अफ़ज़ल अंसारी, हाजी मुनव्वर अंसारी, मोहम्मद इदरीस, मो. नफीश मंसूरी, सद्दाम हुसैन, मुनव्वर परवीन, दानिश हलीम, हसीन अहमद, मज़हर अली, मोख्तार अंसारी, ज़की अहमद नोमानी, मो. आसिफ, डॉ. कौसर नियाज़ी अंसारी, डॉ. मुशर्रफ आलम, मो. इंतखाब आलम, फरीद अहमद सैफी, तसलीम सैफी, फखरुल इस्लाम एवं मो. मोहसिन अंसारी सहित अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। इसके अलावा वसीम सैफी के मदरसे के बच्चों ने भी कार्यक्रम में विशेष रूप से शिरकत की, जिससे आयोजन में बच्चों की भागीदारी और भी आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर अतिथियों एवं विशिष्टजनों को गुलदस्ता भेंट कर, फूलों की माला पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी उपस्थित लोगों के लिए रात्रिभोज की भी व्यवस्था की गई। यह आयोजन केवल एक सभा नहीं, बल्कि सीरतुन्नबी ﷺ के इंसानियत, बराबरी, न्याय, भाईचारे और मोहब्बत के संदेश को समाज तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास रहा। सीरतुन्नबी ﷺ का पैग़ाम — इंसानियत को जोड़ने, बराबरी को मजबूत करने और समाज में मोहब्बत फैलाने का पैग़ाम।