गांव से जिला स्तर तक संगठन मजबूत करने पर बिहार इकाई का जोर
लखनऊ कार्यक्रम और पटना “पसमांदा विमर्श कार्यशाला” की तैयारियों पर मंथन
पसमांदा समाज के अधिकारों की लड़ाई को तेज़ करने का लिया संकल्प
सोशल मीडिया और जनसंपर्क अभियान को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा
बिहार इकाई की बैठक में सदस्यता अभियान तेज़ करने का निर्णय
लखनऊ कार्यक्रम और पटना “पसमांदा विमर्श कार्यशाला” की तैयारियों पर मंथन
पसमांदा समाज के अधिकारों की लड़ाई को तेज़ करने का लिया संकल्प
सोशल मीडिया और जनसंपर्क अभियान को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा
बिहार इकाई की बैठक में सदस्यता अभियान तेज़ करने का निर्णय

ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ बिहार इकाई की एक महत्वपूर्ण ज़ूम मीटिंग सफलतापूर्वक आयोजित की गई। यह बैठक संगठनात्मक मजबूती, आगामी कार्यक्रमों की तैयारी तथा जनसंपर्क अभियान को गति देने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। मीटिंग में बिहार इकाई के विभिन्न पदाधिकारी एवं सक्रिय साथियों ने भाग लिया और संगठन को गांव, पंचायत, प्रखंड एवं जिला स्तर तक अधिक मजबूत बनाने पर गंभीर चर्चा की गई।मीटिंग में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मोहम्मद यूनुस, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मो० इदरीस, राष्ट्रीय प्रवक्ता उलेमा बोर्ड अब्दुर रक़ीब, प्रदेश अध्यक्ष बिहार तौकीर अहमद, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बिहार नसीम अनवर, प्रदेश प्रधान महासचिव मो० परवेज आलम, प्रदेश महासचिव मों शमशाद अंसारी,प्रदेश उपाध्यक्ष बिहार मो० सकलैन, प्रदेश उपाध्यक्ष कादरी साहब, प्रदेश सचिव डॉ इम्तेयाज़, प्रदेश सचिव मो० फरीद, प्रदेश प्रवक्ता अधिवक्ता सोहेल मंसूरी, मोहम्मद एहतेशाम, एमडी कैफ अंसारी तथा मो० फैयाज़ सहित कई पदाधिकारी एवं सक्रिय साथी शामिल हुए।
मीटिंग की अध्यक्षता पसमांदा आंदोलन के वरिष्ठ चिंतक और सिवान जिला अध्यक्ष शमशुल हक अंसारी ने किया और संचालन प्रदेश अध्यक्ष तौक़ीर अहमद ने किया । उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संगठन को केवल नाम तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि हर गांव और मोहल्ले तक पसमांदा समाज की आवाज़ को पहुंचाना है। उन्होंने युवाओं, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने तथा सामाजिक न्याय, शिक्षा और अधिकारों के मुद्दों पर लगातार संघर्ष करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में सदस्यता अभियान की समीक्षा की गई तथा इसे और तेज़ी से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर नई कमेटियों के गठन पर विस्तार से चर्चा हुई और संगठन विस्तार के लिए सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपने पर विचार किया गया।
इसके साथ ही 13 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारी, जिम्मेदारियों के बंटवारे तथा अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। वहीं 1 जुलाई 2026 को पटना में आयोजित होने वाली “पसमांदा विमर्श कार्यशाला” की रूपरेखा, विषय-वस्तु, अतिथियों तथा आयोजन की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मीटिंग में सोशल मीडिया एवं जनसंपर्क अभियान को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। यह कहा गया कि आज के दौर में सोशल मीडिया संगठन की आवाज़ को जनता तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए सभी पदाधिकारी नियमित रूप से संगठन की गतिविधियों को आम लोगों तक पहुंचाएं।
इसके अलावा पसमांदा समाज से जुड़े शिक्षा, बेरोजगारी, सामाजिक पिछड़ेपन, राजनीतिक भागीदारी तथा युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई। सभी पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और पसमांदा समाज के अधिकारों की लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
अंत में सभी पदाधिकारियों एवं सक्रिय साथियों से समयबद्ध तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा संगठन हित में एकजुट होकर कार्य करने की अपील की गई।.

