मलिहाबाद में मौलाना आसिम बिहारी की यौम-ए-पैदाइश पर अकीदत के फूल पेश

  • पसमांदा आंदोलन के अग्रदूत Maulana Ali Hussain Aasim Bihari को मलिहाबाद में याद किया गया
  • आसिम बिहारी हाउस में जयंती पर श्रद्धांजलि, दुआ-ए-मग़फिरत का आयोजन
  • स्वतंत्रता सेनानी आसिम बिहारी को खिराज-ए-अकीदत, उनके विचारों को बताया प्रेरणादायक
  • देश विभाजन के प्रबल विरोधी आसिम बिहारी की जयंती पर जुटे लोग

मलिहाबाद। स्वतंत्रता सेनानी, प्रथम पसमांदा संगठन जमीयतुल मोमिनीन (मोमिन कॉन्फ्रेंस) के संस्थापक एवं भारत विभाजन के प्रबल विरोधी मौलाना अली हुसैन आसिम बिहारी की यौम-ए-पैदाइश के अवसर पर आज आसिम बिहारी हाउस, मलिहाबाद में उन्हें फूल चढ़ाकर खिराज-ए-अकीदत पेश की गई तथा उपस्थित लोगों ने उनके लिए दुआ-ए-मग़फिरत की।

इस अवसर पर ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव मारूफ अंसारी ने आसिम बिहारी के जीवन एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आसिम बिहारी ने अपने जीवन भर दबे-कुचले पसमांदा समाज के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी निभाई। वे मज़हब के आधार पर देश के विभाजन के सख्त विरोधी थे और उन्होंने इसका पुरज़ोर विरोध किया।

उन्होंने आगे बताया कि आसिम बिहारी एक महान शिक्षाविद भी थे। उन्होंने पसमांदा समाज में शैक्षणिक सुधार के लिए अनेक अभियान चलाए तथा प्रौढ़ शिक्षा को बढ़ावा दिया। उनका संपूर्ण जीवन समाज में समानता, न्याय, शिक्षा और मानव गरिमा के उच्च आदर्शों को समर्पित रहा। उनके विचार और सिद्धांत सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।

कार्यक्रम में इमरान अंसारी, रसूल अहमद, कमर अहमद, सद्दाम अंसारी, अशोक रावत, राजेंद्र बाबा, मोहम्मद सलीम, शमशाद अहमद, हाफिज सईद, अब्दुल मजीद एवं ममीतुज्जमा अंसारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।