संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर धारदार बनाने की रणनीति तय!

नई दिल्ली/ लखनऊ/ पटना /रांची। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ (AIPMM) की एक महत्वपूर्ण ज़ूम मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह बैठक संगठन के विस्तार, मजबूती और आगामी रणनीति को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है। मीटिंग की अध्यक्षता एवं संचालन संगठन के मुख्य अधिकारी (CEO) मोहम्मद यूनुस ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पसमांदा समाज के अधिकार, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और तेज़ व प्रभावी बनाने के लिए संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करना बेहद जरूरी है।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि देश के हर राज्य में कोऑर्डिनेशन टीम का गठन किया जाएगा प्रत्येक राज्य के हर प्रमंडल में एक-एक प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे
15 दिनों के भीतर सभी प्रमंडलों के जिलों में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पूरी कर ली जाएगी
इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि हर जिला अध्यक्ष नियुक्ति के 15 दिनों के अंदर अपनी जिला कमेटी का गठन कर उसे प्रदेश कमेटी को सौंपेंगे
प्रत्येक जिला अध्यक्ष एक महीने के भीतर सदस्यता अभियान चलाकर कम से कम 500 नए सदस्य जोड़ेंगे
मीटिंग में संगठन के मूल उद्देश्यों को और स्पष्ट करते हुए यह निर्णय लिया गया कि AIPMM द्वारा
तालीम (शिक्षा), बेदारी (जागरूकता), रोजगार, सामाजिक इंसाफ (Social Justice) जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि पसमांदा समाज को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित किया जा सके।
बैठक में यह भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि संगठन की विचारधारा और गतिविधियों को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को मजबूत किया जाएगा
साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी सक्रिय भागीदारी बढ़ाई जाएगी
इस अहम ज़ूम मीटिंग में देश के विभिन्न हिस्सों से कई प्रमुख कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया और अपने सुझाव साझा किए। इनमें प्रमुख रूप से अख्तर हुसैन, मुफ्ती अबू हुजैफा, तौकीर अहमद, मौलाना फिरोज शमीम, इंजीनियर शफकत अली, मोहम्मद अहसान अंसारी, जब्बार हुसैन, मौलाना अब्दुल रकीब अंसारी, अमीन अंसारी, आरिफ इकबाल, अबू सईद अंसारी, सइदू जमा, हाजी ताहिर हुसैन, उस्मान साहब, जावेद इकबाल, मोहम्मद कैफ अंसारी, मोहम्मद एहतेशाम अंसारी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभी प्रतिभागियों ने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपने-अपने सुझाव रखे।
यह ज़ूम मीटिंग संगठन के लिए एक निर्णायक कदम साबित हुई, जिसमें स्पष्ट रणनीति, समयबद्ध लक्ष्य और ठोस कार्ययोजना तैयार की गई। नेतृत्व ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह अभियान एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेगा और पसमांदा समाज को नई दिशा व मजबूती प्रदान करेगा।