पसमांदा समाज की एकजुटता और हिस्सेदारी को लेकर दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक!

शिक्षा, राजनीतिक भागीदारी, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान के मुद्दों पर हुआ विस्तृत विचार-विमर्श!
नई दिल्ली : पसमांदा समाज की एकजुटता, सामाजिक जागरूकता और विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के बैनर तले एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन गांधीनगर, पूर्वी दिल्ली स्थित कार्यालय में किया गया। बैठक की अध्यक्षता हाजी मोहम्मद ज़फ़र अंसारी ‘नेताजी’, राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तरी दिल्ली अध्यक्ष, ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ ने की।
बैठक में पसमांदा समाज की वर्तमान स्थिति, उसकी प्रमुख चुनौतियों और भविष्य की दिशा को लेकर गंभीर एवं सार्थक चर्चा हुई। विशेष रूप से शिक्षा, राजनीतिक हिस्सेदारी, आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सम्मान तथा संगठनात्मक मजबूती जैसे विषयों पर उपस्थित लोगों ने अपने विचार रखे।
हाजी मोहम्मद ज़फ़र अंसारी ‘नेताजी’ ने कहा कि समाज की वास्तविक तरक्की तभी संभव है, जब अलग-अलग बिरादरियों, पेशों और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोग आपसी समन्वय के साथ एक साझा मंच पर आएं। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए समाज के युवाओं को आगे बढ़ाने, प्रतिभाओं को अवसर देने और संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक की विशेषता यह रही कि इसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न पेशों से जुड़े पसमांदा समाज के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और समाज की जमीनी समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि पसमांदा समाज के बीच जागरूकता, आपसी भाईचारा, संवाद और संगठनात्मक भागीदारी को और मजबूत किया जाए, ताकि समाज से जुड़े मुद्दों को व्यवस्थित एवं लोकतांत्रिक तरीके से संबंधित मंचों तक पहुंचाया जा सके।
बैठक में रियाज़ुद्दीन अंसारी, हाजी इरफान मंसूरी, एहसान मंसूरी, फ़िरोज़ अल्वी, हाजी शाहिद, उमर इदरीसी, हाजी नाज़िर अंसारी, फ़ारूक़ अंसारी, वसीम अंसारी, मोइन कुरैशी, सगीर अंसारी सहित अनेक गणमान्य एवं सामाजिक लोग उपस्थित रहे।
बैठक के समापन के बाद हाजी मोहम्मद ज़फ़र अंसारी ‘नेताजी’ की ओर से सभी साथियों के लिए नाश्ते का भी आयोजन किया गया। इस दौरान आपसी भाईचारे, सौहार्द और आत्मीयता का माहौल देखने को मिला।
बैठक में शामिल लोगों ने पसमांदा समाज के शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ संगठनात्मक एकजुटता को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर संवाद और सामूहिक प्रयास जारी रखने की आवश्यकता व्यक्त की।