भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (IIAS), राष्ट्रपति निवास, शिमला में आयोजित ‘द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी’ के गरिमामय अवसर पर हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल द्वारा डॉ. अजय कुमार द्वारा संपादित महत्वपूर्ण पुस्तक “उत्तर भारत में दलित आंदोलन: सिद्धांत, व्यवहार एवं चुनौतियाँ” का
विमोचन किया गया।
विमोचन किया गया।हाशिए के समाजों, सामाजिक न्याय और दलित-पसमांदा विमर्श को गहराई से समझने के लिए यह पुस्तक एक अत्यंत महत्वपूर्ण अकादमिक दस्तावेज़ है। विशेष रूप से, इस पुस्तक के अध्याय 15 में लेखक एस. एम. फैज़ान अहमद का शोध पत्र “पसमांदा आंदोलन की बौद्धिक व राजनीतिक जड़ें, पड़ाव, प्रसार और सीमाएँ” शामिल है, जो पसमांदा समाज के सामाजिक-राजनीतिक आंदोलनों, उसकी वैचारिक पृष्ठभूमि, विकास के पड़ावों और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डालता है।
वैचारिक चेतना एवं अध्ययन हेतु विशेष अपील:
ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ समाज के सभी विचारकों, शोधकर्ताओं, छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से अपील करता है कि इस पुस्तक का अध्ययन ज़रूर करें। पसमांदा आंदोलन के इतिहास, वैचारिक जड़ों और इसकी व्यावहारिक सीमाओं को समझना आज के दौर में सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए बेहद ज़रूरी है।
ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ इस अध्याय के लेखक एस. एम. फैज़ान अहमद जी के इस अकादमिक योगदान का स्वागत करता है। पसमांदा आंदोलन के सिद्धांतों, इसके ऐतिहासिक पड़ावों, प्रसार और सीमाओं जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ लेखक के साथ विस्तृत चर्चा करना चाहता है, ताकि इस वैचारिक बहस को और समृद्ध बनाया जा सके।
आइए, इस पुस्तक को पढ़ें और सामाजिक न्याय की इस वैचारिक मुहिम का हिस्सा बनें!

