अलीगढ़। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 16 अगस्त 2026 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU), अलीगढ़ की कुलपति श्रीमती नईमा ख़ातून तथा पूर्व कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज़ से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, पसमांदा मुस्लिम समाज के विद्यार्थियों के हितों, छात्राओं की सुरक्षा एवं कल्याण तथा गरीब विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
मुलाकात के प्रारंभ में प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कुलपति महोदया एवं पूर्व कुलपति महोदय का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा उनके प्रति सम्मान एवं शुभकामनाएँ व्यक्त कीं। इसके बाद ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद यूनुस ने प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों का परिचय कराया।
इसके पश्चात संगठन की ओर से पसमांदा मुस्लिम समाज तथा AMU के छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं के कल्याण एवं सुधार से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन ई0 अख्तर हुसैन, राष्ट्रीय सलाहकार आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के माध्यम से कुलपति महोदया को सौंपा गया।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
1. पसमांदा मुस्लिम समाज के विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को उचित प्रतिनिधित्व
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि विश्वविद्यालय की मौजूदा प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े पसमांदा मुस्लिम समाज के विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ तथा लागू संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों के अनुरूप अवसर एवं आरक्षण का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शिक्षा ही सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसलिए गरीब और पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
2. छात्राओं के लिए प्रभावी काउंसलिंग व्यवस्था एवं संवेदनशील प्रशासनिक व्यवहार
प्रतिनिधिमंडल ने AMU की छात्राओं से संबंधित विभिन्न विषयों पर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि छात्राओं के लिए ऐसा सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण होना चाहिए, जहाँ वे बिना किसी भय या संकोच के अपनी समस्याएँ विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रख सकें।प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि प्रत्येक हॉल एवं हॉस्टल में एक प्रभावी एवं सक्रिय काउंसलिंग सेल स्थापित किया जाए, जहाँ छात्राओं को आवश्यकता पड़ने पर मानसिक, शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं के संबंध में उचित मार्गदर्शन मिल सके।
इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि प्रोवोस्ट, वार्डन, प्रॉक्टोरियल टीम तथा सभी टीचिंग फैकल्टी छात्र-छात्राओं के साथ संवेदनशील, सहयोगात्मक और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करें।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी को अपनी समस्या बताने में भय या झिझक महसूस नहीं होनी चाहिए। प्रशासनिक अनुशासन आवश्यक है, लेकिन अनुशासन के साथ संवाद, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
3. महान स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल कय्यूम अंसारी के नाम पर गर्ल्स हॉल की स्थापना
प्रतिनिधिमंडल ने महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक एवं वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले अब्दुल कय्यूम अंसारी की स्मृति में AMU परिसर में गरीब एवं पसमांदा मुस्लिम समाज की छात्राओं के लिए एक नए गर्ल्स हॉल/हॉस्टल की स्थापना का प्रस्ताव रखा।
संगठन ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रूप से विचार करता है, तो ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ देश-विदेश में रहने वाले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों, शिक्षा प्रेमियों एवं समाज के सहयोगी लोगों से संपर्क कर इस परियोजना के लिए सहयोग एवं फंड जुटाने का प्रयास करेगा।
इस कार्य में ई० अख्तर हुसैन, जहीर अहमद एवं इंजीनियर आदिल खान सहित संगठन के संबंधित पदाधिकारी सहयोग करेंगे।
गरीब विद्यार्थियों को हॉस्टल में प्राथमिकता देने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति महोदया के समक्ष यह भी सुझाव रखा कि छात्रावासों में आवंटन करते समय आर्थिक रूप से कमजोर एवं वास्तव में जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जिन विद्यार्थियों के परिवार आर्थिक रूप से सक्षम हैं और जो बाहर किराए पर कमरा लेकर रहने का खर्च वहन कर सकते हैं, उनके स्थान पर आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को हॉस्टल की सुविधा देने पर प्राथमिकता से विचार किया जाना चाहिए।
विशेष रूप से छात्राओं के लिए सुरक्षित एवं उचित आवास की व्यवस्था को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनकी सुरक्षा, शिक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्राओं को हॉस्टल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाना चाहिए।
कुलपति महोदया के साथ खुलकर संवाद
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कुलपति महोदया के साथ विभिन्न विषयों पर खुलकर चर्चा की और अपने सवाल एवं सुझाव उनके समक्ष रखे। कुलपति श्रीमती नईमा ख़ातून ने प्रतिनिधिमंडल के सभी सवालों को गंभीरता से सुना और विस्तार से जवाब दिए।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार कुलपति महोदया का व्यवहार सरल, सहज, विनम्र एवं मातृवत रहा। उनके द्वारा विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय से संबंधित विषयों पर दिए गए जवाबों से प्रतिनिधिमंडल के सदस्य संतुष्ट हुए और उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास के लिए सकारात्मक सहयोग की भावना व्यक्त की।
ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ ने स्पष्ट किया कि संगठन AMU की शैक्षणिक गरिमा, प्रगति एवं विकास के लिए हर संभव सकारात्मक सहयोग करने के लिए तैयार है।
AMU के विद्यार्थियों से अपील
प्रतिनिधिमंडल ने AMU के सभी छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ संवाद बनाए रखें और अपनी समस्याओं को सीधे कुलपति, प्रोवोस्ट, वार्डन अथवा संबंधित अधिकारियों के समक्ष शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से रखें।
संगठन ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में आकर ऐसा कोई कदम न उठाएँ जिससे उनके भविष्य, शिक्षा अथवा विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचे। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सभी विद्यार्थियों से संयम, अनुशासन, आपसी भाईचारे और समझदारी के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि विरोध या असहमति व्यक्त करने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन हर परिस्थिति में संवाद, कानून और विश्वविद्यालय के अनुशासन का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य
प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से:
मोहम्मद यूनुस — मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़
ई० अख्तर हुसैन — राष्ट्रीय सलाहकार
नफीस मंसूरी — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं दिल्ली प्रभारी
सज्जाद हुसैन अंसारी — सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, AIPMM लीगल सेल
शारिद अंसारी — प्रदेश अध्यक्ष, AIPMM दिल्ली
रेहान इसरारी — महासचिव, AIPMM दिल्ली
मेंहदी हसन अंसारी
इंजीनियर आदिल खान
मोअज्जम अंसारी
सहित संगठन के अन्य सम्मानित पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
संगठन ने जताया आभार
अंत में ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति श्रीमती नईमा ख़ातून एवं पूर्व कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज़ का समय देने, प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने और सकारात्मक संवाद के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
संगठन ने कहा कि ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ AMU की प्रगति, शैक्षणिक उत्कृष्टता, विद्यार्थियों के कल्याण तथा विशेष रूप से गरीब एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए हर संभव सकारात्मक सहयोग करता रहेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ रचनात्मक संवाद एवं सहयोग की नीति पर आगे बढ़ेगा तथा AMU को और अधिक मजबूत, सुरक्षित, अनुशासित एवं विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षण संस्थान बनाने के प्रयासों में अपना सहयोग जारी रखेगा।

