दिल्ली सम्मेलन को सफल बनाने का संकल्प!‘लकुमदीनुकुम वलयदीन कॉन्फ्रेंस’ की तैयारियों पर हुआ मंथन, बनारस से बड़ी भागीदारी का ऐलान!
वाराणसी। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ (AIPMM) एवं ऑल इंडिया पसमांदा उलमा बोर्ड (AIPUB) की संयुक्त रूप से एक महत्वपूर्ण बैठक बड़ी बाजार, बनारस के जमालुद्दीनपुरा मोहल्ला स्थित मोहम्मद साजिद अंसारी के आवास पर आयोजित की गई। बैठक में आगामी 29 नवंबर 2026 को दिल्ली में आयोजित होने वाले “लकुमदीनुकुम वलयदीन कॉन्फ्रेंस” की तैयारियों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक की अध्यक्षता मौलाना शम्सुल आरफीन, जिला अध्यक्ष, ऑल इंडिया पसमांदा उलमा बोर्ड ने की, जबकि संचालन शादाब कौसर, जिला अध्यक्ष, ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ ने किया।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में मौलाना अब्दुल रकीब अंसारी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, ऑल इंडिया पसमांदा उलमा बोर्ड उपस्थित रहे। वरिष्ठ अतिथि के रूप में मोहम्मद साजिद अंसारी, प्रदेश प्रवक्ता, ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ ने शिरकत की।
इसके अलावा मोहम्मद तौसीफ, जिला प्रभारी, ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़, चंदौली; मोहम्मद अफजल, जिला सचिव, ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ तथा साहित्यकार यासीन बनारसी सहित संगठन के पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक में दिल्ली में प्रस्तावित सम्मेलन की तैयारियों, संगठनात्मक विस्तार, जनसंपर्क अभियान और बनारस से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अपने-
अपने क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाना होगा तथा लोगों को कार्यक्रम के उद्देश्य और संदेश से अवगत कराना होगा।
मौलाना अब्दुल रकीब अंसारी ने कहा कि आगामी 29 नवंबर का दिल्ली सम्मेलन संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पूरी जिम्मेदारी, आपसी समन्वय और अनुशासन के साथ तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि 29 नवंबर को दिल्ली में होने वाले “लकुमदीनुकुम वलयदीन कॉन्फ्रेंस” को सफल बनाने में बनारस की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और अधिक से अधिक लोगों की उपस्थिति दर्ज कराई जाएगी।
अंत में संगठन को मजबूत करने, आपसी भाईचारा एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने तथा सम्मेलन की तैयारियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

