पसमांदा समुदाय की राजनीतिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक भागीदारी को लेकर हुई महत्वपूर्ण मुलाकात
पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के पुत्र एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत कुमार ने पसमांदा समुदाय के साथ राजनीतिक दलों द्वारा हो रहे भेदभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए खेद प्रकट किया। उन्होंने ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ द्वारा पसमांदा समाज के सामाजिक, राजनीतिक एवं शैक्षणिक अधिकारों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इस दौरान पसमांदा समुदाय की राजनीतिक भागीदारी, शैक्षणिक संस्थानों में प्रतिनिधित्व तथा मुस्लिम धार्मिक संस्थानों में हिस्सेदारी सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। निशांत कुमार ने पसमांदा समाज की अपेक्षित भागीदारी और प्रतिनिधित्व न होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए।
निशांत कुमार ने बातचीत के दौरान कहा, “मुझे नहीं पता था कि मुसलमानों में कोई पसमांदा बिरादरी होती है या उनमें भी छुआछूत, ऊंच-नीच का भेदभाव व्याप्त है। मुझे जब इसके बारे में पता चला तो अफसोस हुआ। मैं आप लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मुझसे जो हो सकेगा, वह मैं करूंगा। कम से कम मैं अपनी पार्टी में पसमांदा समाज की हिस्सेदारी उनकी आबादी के अनुपात में रखने का प्रयास करूंगा।”
उन्होंने पसमांदा समाज से जुड़े मुद्दों को पार्टी संगठन एवं सरकार के स्तर पर रखने की बात भी कही। उनके इस आश्वासन को पसमांदा समाज के प्रतिनिधियों ने सकारात्मक पहल बताया। इस अवसर पर ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सोहैलउद्दीन अंसारी ने कहा कि संगठन को पूरा विश्वास है कि निशांत कुमार अपनी पार्टी और सरकार में पसमांदा समाज को उचित हिस्सेदारी दिलाने की दिशा में सकारात्मक पहल करेंगे। उन्होंने निशांत कुमार के व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि वे व्यवहारिक और सामाजिक रूप से बेहद सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं।
सोहैलउद्दीन अंसारी ने कहा, “जब उनसे मिलते हैं तो ऐसा महसूस नहीं होता कि किसी मंत्री से मुलाकात हो रही है, बल्कि उनका व्यवहार बिल्कुल आम व्यक्ति जैसा है। उनसे मुलाकात के बाद मैं आश्वस्त हूं कि वे जल्द ही पसमांदा समाज के लिए कुछ सकारात्मक कदम उठाएंगे। बैठक में डॉ. आमिर सोहैल एवं इंजीनियर शारिक अंसारी भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने पसमांदा समुदाय से जुड़े सामाजिक, राजनीतिक एवं शैक्षणिक मुद्दों को विस्तार से उनके समक्ष रखा और समाज की आबादी के अनुरूप प्रतिनिधित्व एवं भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पसमांदा समाज लंबे समय से सामाजिक न्याय, समान अवसर, शिक्षा और राजनीतिक भागीदारी की मांग करता रहा है। ऐसे में राजनीतिक दलों और सरकारों द्वारा पसमांदा समाज की वास्तविक स्थिति को समझते हुए उनकी उचित भागीदारी सुनिश्चित करना सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। मुलाकात के दौरान पसमांदा समाज के अधिकारों, सम्मान और समान भागीदारी को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि निशांत कुमार द्वारा दिए गए आश्वासन को राजनीतिक एवं संगठनात्मक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा और पसमांदा समाज को उसकी आबादी के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।

