संघर्ष को सम्मान, प्रतिभा को सलाम

विशिष्ट झारखंड आंदोलनकारी डॉ. कलीम अंसारी ने बढ़ाया NEET मेधावियों का हौसला

गिरिडीह/जमुआ। स्वतंत्रता दिवस इस वर्ष आल  इंडिया पसमन्दा मुस्लिम महाज़ के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. कलीम अंसारी के लिए केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि संघर्ष की विरासत और शिक्षा की नई उम्मीदों के संगम का अवसर बन गया। 15 अगस्त को गिरिडीह में उन्हें झारखंड आंदोलन में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए विशिष्ट झारखंड आंदोलनकारी के रूप में सम्मानित किया गया, तो इसके ठीक अगले दिन उन्होंने ग्रामीण अंचल के उन मेधावी विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया, जिन्होंने NEET जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया।

झारखंड आंदोलन के योगदान को मिला सरकारी सम्मान- गिरिडीह में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले डॉ. कलीम अंसारी को विशिष्ट झारखंड आंदोलनकारी के रूप में सम्मानित किया गया। झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रदान किए गए सम्मान के तहत उन्हें अंगवस्त्र, मोमेंटो एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।

झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू एवं गिरिडीह के उपायुक्त ने उन्हें सम्मानित किया। यह सम्मान उस संघर्षशील पीढ़ी के योगदान का भी सम्मान रहा, जिसने झारखंड की पहचान, अस्मिता और अलग राज्य के सपने को साकार करने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। सम्मान प्राप्त करने के बाद उसी दिन गिरिडीह मोमिन सोसाइटी की ओर से आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में भी डॉ. कलीम अंसारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। लोगों ने उनका अभिनंदन करते हुए उनके सामाजिक एवं आंदोलनकारी योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

सम्मान की इस गरिमामयी कड़ी के अगले दिन, 16 अगस्त को धरधरौ, जमुआ में अंसारी महापंचायत की ओर से NEET में सफल विद्यार्थियों की हौसला-अफजाई एवं सम्मान के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. कलीम अंसारी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। उन्होंने क्षेत्र से NEET उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को शॉल एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया। ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले इन विद्यार्थियों को देखकर कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों और लोगों में विशेष उत्साह और गर्व का माहौल रहा। डॉ. अंसारी ने कहा कि देहाती क्षेत्रों से एक साथ इतने विद्यार्थियों का NEET जैसी कठिन परीक्षा में सफल होना पूरे इलाके के लिए गौरव की बात है। यह सफलता बताती है कि प्रतिभा गांवों में भी भरपूर है, आवश्यकता केवल उसे सही अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की है।

“आर्थिक परेशानी किसी बच्चे के सपने के रास्ते में बाधा नहीं बनेगी” अपने संबोधन में डॉ. कलीम अंसारी ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली माध्यम बताते हुए कहा कि समाज में शिक्षा की अहमियत को और अधिक मजबूती से उजागर करने की जरूरत है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दें और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर दें।

उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा अथवा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के दौरान यदि किसी विद्यार्थी को आर्थिक समस्या या एडमिशन से संबंधित किसी कठिनाई का सामना करना पड़े तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। हरसंभव स्तर पर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी प्रतिभावान बच्चे का सपना केवल आर्थिक कमजोरी की वजह से अधूरा नहीं रहना चाहिए। समाज की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे बच्चों का हाथ थामे और उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचने में सहयोग करे।

संघर्ष की विरासत से शिक्षा की रोशनी तक- इन दो दिनों की घटनाओं में एक गहरा सामाजिक संदेश भी छिपा रहा। 15 अगस्त को झारखंड आंदोलन के संघर्ष को सम्मान मिला और 16 अगस्त को उसी संघर्षशील समाज की नई पीढ़ी की प्रतिभा को सलाम किया गया। डॉ. कलीम अंसारी का सम्मान जहां झारखंड के निर्माण में उनके योगदान और संघर्ष की स्वीकृति है, वहीं NEET के सफल विद्यार्थियों का सम्मान भविष्य के झारखंड की तस्वीर है—एक ऐसा झारखंड, जहां गांवों के बच्चे भी बड़े सपने देखें, कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल करें और डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक एवं प्रशासनिक अधिकारी बनकर समाज की सेवा करें।

धरधरौ का यह आयोजन महज विद्यार्थियों के सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने पूरे क्षेत्र के युवाओं को यह संदेश दिया कि मेहनत, शिक्षा और सामूहिक सहयोग के बल पर ग्रामीण पृष्ठभूमि का कोई भी विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। डॉ. कलीम अंसारी के लिए इन दो दिनों का सफर भी प्रतीकात्मक रहा—एक दिन संघर्ष के लिए सम्मान, दूसरे दिन प्रतिभा के लिए सम्मान। यही शायद किसी संघर्षशील जीवन की सबसे खूबसूरत उपलब्धि है कि उसके अनुभव और संघर्ष अगली पीढ़ी के सपनों को रोशनी देने लगें।

सम्मानित विद्यार्थियों एवं उपस्थित प्रमुख लोगों के नाम- कार्यक्रम में सम्मानित विद्यार्थियों में कन्हैया कुमार, मनीषा मंडल, मो. शाहिद अंसारी, निकिता कुमारी, मो. सोहेल असरफ, ईशा अंजुम, मो. गुलाम रुबानी, तैयब अंसारी शामिल रहे। वहीं मो. शम्स परवेज ने भी NEET-UG में सफलता प्राप्त कर क्षेत्र का मान बढ़ाया। कार्यक्रम में जेएलकेएम की महिला जिलाध्यक्ष सुनीता सिंह, सैफ आलम, कांग्रेस नेता अहमद रजा नूरी, प्रखंड अध्यक्ष मो. नियामुद्दीन, बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष मो. जुनैद आलम, डॉ. सुल्तान, डॉ. कलीम, सचिदानंद सिंह, मो. इजरायल, मो. ताहिर, सरताज परवेज, उज्जवल कुमार, राहुल एवं पवन राम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।